वो स्त्री चल दबंग हो जा !! हर जगह तू feminism का कार्ड चलाये Equality का रोना हर जगह तू रो आये , फिर भी दुनिया को कहे Treat me differently , Respect Gender के बलबूते पे ना कमाया जाए , ये बात…

सुबह से रसोई में मीठा बनाने मे लगी हुई हूं, अब काम खत्म हुआ है. बचपन से आदत है, रक्षाबंधन का दिन तो घर मे बने घेवर के बिना अधूरा ही लगता है. मैं: “गौरव नहा कर तैयार हुए के…