पुरुष तेरे कितने रूप – तू पिता, भाई, बेटा, दोस्त/यार/मित्र, प्रेमी, पति, दामाद/जमाई, मामा, चाचा/काका, भांजा, भतीजा, आदि… तू मेहनतकश किसान, ईटा-भट्टी मजदूर, सैनिक, रिक्षा-चालक, आदि… तू चलाता है परिवार, करके रात-दिन मेहनत तू पढाता-लिखाता है बेटी-बेटों को… तू देता…

इच्छा की मानव से शादी को पांच दिन ही हुए थे, मानव के एक दोस्त आदित्य की शादी परसों ही प्रिया से हुई थी. मानव वैडस इच्छा तथा आदित्य वैडस प्रिया की खुशी में दोस्तों ने ये पार्टी रखी थी.…

आज देश भर के अनेकों पुरुषों की ये सच्ची कहानी है: सुनो कहानी। डॉ. मिथुन खेरडे, वास्तव फाउंडेशन १. मेरे घर वो फुकट रहने आएगी। ना घर का किराया देगी, ना इलेक्ट्रिक बिल, ना पानी बिल, ना EMI भरेगी। घर…