“बेज़ुबान कब से मैं रहा……बेगुनाह सेहता मैं रहा,  बेज़ुबान कब से मैं रहा……बेगुनाह सेहता मैं रहा. मौजुदा सामाजिक परिस्थिती मे कुछ ऐसा ही हो रहा है ! भारत के पुरुषो के बारे मे! अब भारत पुरुषप्रधान देश नहि रहा!!! क्या…

सौरभ और माया की शादी बहुत धूम धाम से हुई थी. होती भी क्यों नहीं, पैसे की कोई कमी तो थी नही, दोनों उच्च शिक्षा प्राप्त करके मलटीनैशनल कंपनी मे अच्छे पद पर काम करते थे. सौरभ एक अच्छे बड़े…