सुबह से रसोई में मीठा बनाने मे लगी हुई हूं, अब काम खत्म हुआ है. बचपन से आदत है, रक्षाबंधन का दिन तो घर मे बने घेवर के बिना अधूरा ही लगता है. मैं: “गौरव नहा कर तैयार हुए के…

“बेज़ुबान कब से मैं रहा……बेगुनाह सेहता मैं रहा,  बेज़ुबान कब से मैं रहा……बेगुनाह सेहता मैं रहा. मौजुदा सामाजिक परिस्थिती मे कुछ ऐसा ही हो रहा है ! भारत के पुरुषो के बारे मे! अब भारत पुरुषप्रधान देश नहि रहा!!! क्या…

*अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस क्या है?* हर साल 19 नवंबर को दुनिया भर के पुरुष अपने परिवारों, समुदायों और दुनिया में उनके सकारात्मक योगदान के लिए उन्हें वंदन करते हैं। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य पुरुषों के स्वास्थ्य पर ध्यान देना, मानवीय…