“जिंदगी की राह पर चालते हुए, हर कदम ठोकर झेले हैं, काफिर ना समझो हमें, हर दर्द दिल पे झेले हैं, देखो ना हमें इन शक के नझरो से,  सौ जख्म जेहन पर झेले है हमने, खुदके दामनको ना समझ…