A short Poem on International Men’s Day. Tuesday, 19 November The society has been telling young boys not to show emotion and be laughed if did. Next, they wonder how come many of the men cannot define what they feel. In…

પરિવર્તન સંસાર નો નિયમ છે – ગીતા સાર તા. 02 – 07 – 2014 ના રોજ માનનીય ઉચ્ચ ન્યાયાલય (Hon’ble Supreme Court of India) એ એક ચુકદો આપ્યો કે ભારતીય કાનૂન (IPC) ની કલમ 498A ની ખુબજ ભારી માત્રા…

“बेज़ुबान कब से मैं रहा……बेगुनाह सेहता मैं रहा,  बेज़ुबान कब से मैं रहा……बेगुनाह सेहता मैं रहा. मौजुदा सामाजिक परिस्थिती मे कुछ ऐसा ही हो रहा है ! भारत के पुरुषो के बारे मे! अब भारत पुरुषप्रधान देश नहि रहा!!! क्या…

“जिंदगी की राह पर चालते हुए, हर कदम ठोकर झेले हैं, काफिर ना समझो हमें, हर दर्द दिल पे झेले हैं, देखो ना हमें इन शक के नझरो से,  सौ जख्म जेहन पर झेले है हमने, खुदके दामनको ना समझ…