पुरुष तेरे कितने रूप – तू पिता, भाई, बेटा, दोस्त/यार/मित्र, प्रेमी, पति, दामाद/जमाई, मामा, चाचा/काका, भांजा, भतीजा, आदि… तू मेहनतकश किसान, ईटा-भट्टी मजदूर, सैनिक, रिक्षा-चालक, आदि… तू चलाता है परिवार, करके रात-दिन मेहनत तू पढाता-लिखाता है बेटी-बेटों को… तू देता…

जब वो रावण बोल उठा !! एक बार जब वो रावण बोल उठा , लोग कहते है , रामायण बस मैंने शुरू की थी , भूल गए वो मेरी उस लम्पट बहन शूर्पणखा को, शुरुवात तोह शायद उसीने की थी,…

वो स्त्री चल दबंग हो जा !! हर जगह तू feminism का कार्ड चलाये Equality का रोना हर जगह तू रो आये , फिर भी दुनिया को कहे Treat me differently , Respect Gender के बलबूते पे ना कमाया जाए , ये बात…