“जिंदगी की राह पर चालते हुए, हर कदम ठोकर झेले हैं, काफिर ना समझो हमें, हर दर्द दिल पे झेले हैं, देखो ना हमें इन शक के नझरो से,  सौ जख्म जेहन पर झेले है हमने, खुदके दामनको ना समझ…

वो स्त्री चल दबंग हो जा !! हर जगह तू feminism का कार्ड चलाये Equality का रोना हर जगह तू रो आये , फिर भी दुनिया को कहे Treat me differently , Respect Gender के बलबूते पे ना कमाया जाए , ये बात…